केंद्रीय मंत्री गडकरी की टिपणी; भारत गरीबों का अमीर देश

केंद्रीय मंत्री गडकरी की टिपणी; भारत गरीबों का अमीर देश
-अधिकांश लोग गरीबी, भूख, बेरोजगारी, जातिवाद के घेरे में
प्रतिनिधी
नागपुर : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। इस पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टिप्पणी की है, यह गरीबों का अमीर देश है।

नितिन गडकरी ने कहा, भारत गरीब लोगों का अमीर देश है। भारत एक समृद्ध देश है, अधिकांश लोग गरीबी, भूख, बेरोजगारी, जातिवाद, अस्पृश्यता, मुद्रास्फीति की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है, इस खाई को पाटने की जरूरत है।

-खाई चौड़ी हो रही है
गडकरी गुरुवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भारत विकास परिषद कार्यक्रम में बोल रहे थे। गडकरी ने कहा, हम गरीब लोगों के अमीर देश में रह रहे हैं। देश में आर्थिक और सामाजिक समानता की आवश्यकता है। अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी हो गई है।

-बिना संदर्भ के दिखाए गए बयान
इस बीच गडकरी का यह बयान भी वायरल हो रहा है और कहा जा रहा है कि गडकरी ने फिर केंद्र पर निशाना साधा है। इस बात का खुलासा गडकरी ने भी किया है। गडकरी ने कहा, हमारे समाज और राष्ट्र की समस्याओं के बारे में मेरे बयान को एक बार फिर संदर्भ से बाहर कर दिया गया। उसके लिए मुझे खेद है। ऐसा सिर्फ गलतफहमी पैदा करने के लिए किया जा रहा है। केवल कुछ तत्व इसका आनंद ले रहे हैं।

-देश में 124 जिले पिछड़े
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि गरीब और अमीर के बीच की खाई को कम करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है। गडकरी ने कहा कि देश के 124 जिले सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य के मामले में पिछड़े हैं। देश ने शहरी क्षेत्रों में बहुत विकास देखा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं और अवसरों की कमी के कारण बड़ी आबादी शहरों की ओर पलायन कर रही है। इसलिए हमें इन 124 जिलों को विकसित करने के लिए मिलकर काम करना होगा।