शिंदे सरकार के यह मंत्री के बयानों पर ‘अघोषित प्रतिबंध’ !
– मंत्रियो के फालतू टिपणी से परेशानी में सरकार
प्रतिनिधी
मुंबई : मराठा आरक्षण पर विवादित बयान देने को लेकर भारी आलोचनाओं के घेरे में आ चुके स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत को अब एक और झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक शिंदे समूह के तानाजी सावंत को वरिष्ठों ने किसी भी विषय पर सार्वजनिक रूप से न बोलने की हिदायत दी है। इसलिए कहा जा रहा है कि तानाजी सावंत पर अगले कुछ दिनों तक किसी भी विषय पर टिप्पणी करने पर ‘अघोषित प्रतिबंध’ लगा रहेगा।
मीडिया ने तानाजी सावंत के साथ बातचीत करने की कोशिश की जब वह बुधवार को पुणे में थे। इस दौरान तानाजी सावंत ने ‘नो कमेंट्स’ वाला एटीट्यूड लेते हुए कहा कि मैं हर सवाल के बारे में नहीं जानता। बालासाहेब ठाकरे के साये चंपासिंह थापा ने शिंदे समूह को अपना समर्थन दिखाया है। इस सवाल पर प्रतिक्रिया देने के लिए पूछे जाने पर सावंत ने हैरानी भरा रिएक्शन दिया कि ‘मैंने इसे अभी तक नहीं देखा’। मंत्री सावंत ने भी दशहरा सभा को लेकर पूछे गए सवालों पर बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह उत्तर देकर विषय को समाप्त करने का प्रयास किया कि “दशहरे पर केवल बालासाहेब ठाकरे की सभा होगी”। अब्दुल सत्तार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना का पार्टी अध्यक्ष चुनने का प्रस्ताव बनाने के रहस्य को उजागर किया था। तानाजी सावंत ने यह कहकर इस विषय से पीछे हटने की कोशिश की कि मैं भी इस बारे में कुछ नहीं जानता। इसलिए राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वरिष्ठों ने तानाजी सावंत को ‘चुप्पी’ बनाए रखने का आदेश दिया है।
कुछ दिन पहले मराठा आरक्षण की बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत की जुबान फिसल गई थी। इसे लेकर बड़ा विवाद हुआ था। अंतत: तानाजी सावंत को मराठा समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। इसके अलावा मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों का जवाब देने और हाफकिन इंस्टीट्यूट के बारे में उनकी समझ से बाहर की गई टिप्पणियों से तानाजी सावंत की विवाद और बढ़ गया था। इन सब के चलते तानाजी सावंत हाल के दिनों में लगातार चर्चा में बने हुये हैं।
-अपने ही नेताओं के विवादित बयान देने से खफा थे एकनाथ शिंदे
शिंदे समूह के नेताओं के विवादित बयानों से पिछले कुछ दिनों से शिंदे-फडणवीस सरकार लगातार संकट में है। शिंदे समूह के नेताओं को लगातार अतिउत्साह, बेहोशी की बात और कलंक के स्वर में ‘स्व-लक्ष्य’ के रूप में देखा जाता है। इसी पृष्ठभूमि में जानकारी सामने आई है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को हुई बैठक में अपने गुट के बातूनी नेताओं और मंत्रियों की जमकर खिचाई की। मेरे न बोलने पर भी तुम इतना क्यों बोलते हो? यह सवाल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बातूनी मंत्रियों और विधायकों से पूछा। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में विवादित बयान देने वाले विधायकों के कान छिदवाए। पार्टी सिंबल पर अनावश्यक टिप्पणी न करें। एकनाथ शिंदे ने विधायकों और मंत्रियों को विवादित बयान नहीं देने की भी हिदायत दी है।


