मातोश्री पर आलोचना का तोहफा, मिला इस विदर्भ नेता को
केंद्र में हेविवेट समिति पर हेवि जिम्मेदारी
-कांग्रेस नेता शशि थरूर थे इस समिति के अध्यक्ष
प्रतिनिधी
बुलढाणा : मातोश्री पर आलोचना के बाद केंद्र में सांसद प्रताप जाधव को जिम्मेदारी दी गई है। सूचना प्रौद्योगिकी पर स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में जाधव की नियुक्ति ने शिंदे समूह को राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा उपहार दिया है। इससे पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष थे। इसने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है।
कुछ दिन पहले सांसद प्रताप जाधव ने कहा था कि मातोश्री की 100 पेटियां ठीक हैं, सचिन वाजे 100 करोड़ जमा कर मातोश्री पहुंचा रहे हैं। इस बयान से जबरदस्त राजनीतिक बवाल मच गया। इतना सब होने के बाद प्रतापराव जाधव ने यह कहकर संक्षेप में बताने की कोशिश की कि उनका ऐसा मतलब नहीं था।
-मोदी की ओर से शिंदे समूह को तोहफा?
जैसा कि मोदी सरकार ने शिंदे समूह को यह पद दिया है, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह मोदी की ओर से शिंदे समूह को एक बड़ा उपहार है। कांग्रेस नेता शशि थरूर के स्थान पर प्रताप जाधव की नियुक्ति का मतलब है कि शिंदे समूह के जनप्रतिनिधियों को केंद्र सरकार ने विशेष जिम्मेदारी दी है।
-इस वजह से शिवसेना से निष्कासन
बागी सांसद प्रताप जाधव के करीबी दो विधायक पहले ही शिंदे गुट में शामिल हो चुके थे। इसके बाद सांसद प्रताप जाधव ने भी शिंदे का नेतृत्व स्वीकार कर लिया। उन्हें जिला संपर्क प्रमुख के पद से बर्खास्त कर दिया गया है, जो उनके करीबी हैं। उनके साथ, एक जिला प्रमुख, 2 उपजिला प्रमुख और 3 तालुका प्रमुखों को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।


