एनसीपी नेता और उनके सांसद बहु को ३ घंटे रुखना पढ़ा
– गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर का मामला
– भाजपा के मंत्री गिरीश महाजन का दावा
प्रतिनिधी
जलगाव : एनसीपी नेता एकनाथ खडसे को लेकर भाजपा के मंत्री गिरीश महाजन ने दो बड़े गुप्त धमाके किए हैं। गिरीश महाजन ने कहा है कि खडसे ने मुझसे और फडणवीस से कहा था कि ‘हम बैठकर मामला सुलझा लेंगे’।
साथ ही एकनाथ खडसे और उनकी बहू रक्षा खडसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। गिरीश महाजन ने यह भी दावा किया है कि अमित शाह के कार्यालय के बाहर 3 घंटे बैठने के बाद भी शाह उनसे मिलने नहीं गए।
महानुभाव पंथ का कार्यक्रम हाल ही में नासिक में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में एकनाथ खडसे, राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री गिरीश महाजन मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गिरीश महाजन ने कहा, कार्यक्रम में भाषणों के बाद एकनाथ खडसे वहां पहुंचे जहां मैं और फडणवीस बैठे थे। उन्होंने कहा, ‘हम बैठकर यह बात क्लियर करेंगे।
-‘वह’ विषय क्या है?
वास्तव में ‘वह’ विषय क्या है? गिरीश महाजन ने इन पत्रकारों के सवाल पर कहा कि कार्यक्रम में काफी भीड़ रही। इसलिए पता नहीं चल रहा था कि वह किस विषय पर बात करना चाहते थे। उनके दिमाग में कौन सा विषय चल रहा था। साथ ही कार्यक्रम में भीड़ के कारण मैंने उनसे यह नहीं पूछा कि विषय क्या है।
-फिर से बीजेपी में एंट्री की चर्चा
गिरीश महाजन के इस गुप्त बात पर अभी तक एकनाथ खडसे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, इससे खडसे के दिमाग में क्या चल रहा है? क्या खडसे फिर से बीजेपी में शामिल होने को आतुर हैं?, चर्चा एक बार फिर राज्य की राजनीति में प्रवेश कर गई है। इसी बीच कुछ दिन पहले एकनाथ खडसे अपनी बहू सांसद रक्षा खडसे के साथ अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। हालांकि, नहीं मिलने के कारण उन्होंने अमित शाह से फोन पर बात की थी। इस पर भी गिरीश महाजन ने बड़ा दावा किया है।
-अमित शाह ने समय नहीं दिया
गिरीश महाजन ने कहा, मुझे यह भी पता था कि एकनाथ खडसे और रक्षा खडसे अमित शाह के ऑफिस के बाहर बैठे हैं। फिर मैंने रक्षा खडसे से फोन पर बात की। हम यहां लंबे समय से बैठे हैं। रक्षा खड़से ने ही मुझे बताया था कि अब तीन घंटे हुए हैं, लेकिन फिर भी मुलाकात नहीं हो रही है। गिरीश महाजन ने कहा कि तीन घंटे अमित शाह के कार्यालय के बाहर बैठने के बाद भी शाह खड़से से मिलने नहीं गए।
-वंदे मातरम् कहने में न हिचकिचाएं
राज्य सरकार ने 1 अक्टूबर से ‘नमस्ते की जगह वंदे मातरम’ अभियान शुरू किया है। इस पर गिरीश महाजन ने कहा, वंदे मातरम कहने में किसी को शर्म नहीं आनी चाहिए। वंदे मातरम का नारा लगाते हुए हजारों लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया है।


