दीक्षाभूमिपर उपमुख्यमंत्री फडणवीस की यह महत्वपूर्ण घोषणा

दीक्षाभूमिपर उपमुख्यमंत्री फडणवीस की यह महत्वपूर्ण घोषणा
-दीक्षाभूमि की विकास योजना 15 दिन में
-इंदु मिल स्मारक भी 2024 में तैयार

प्रतिनिधी
नागपुर : दीक्षाभूमि के विकास के लिए 190 करोड़ रुपये की नई योजना तैयार है और अगले 15 दिनों में इसे मंजूरी मिल जाएगी। 2024 में बाबासाहेब अम्बेडकर का इंदु मील भव्य स्मारक तैयार हो जाएगा, ऐसी महत्वपूर्ण घोषणा राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार(५ अक्तुबर)को दीक्षाभूमि के मुख्य समारोह में की।

उपमुख्यमंत्री फडणवीस दीक्षाभूमि पर आयोजित 66 वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। अध्यक्षता डॉ. कमलताई गवई ने की थी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले, पुलिस आयुक्त डॉ. अमितेश कुमार, सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे, बार्टी के महानिदेशक धम्मज्योति गजभिये , कलेक्टर डॉ. विपिन इटनकर, एनआयटी अध्यक्ष मनोज सूर्यवंशी, नगर आयुक्त राधाकृष्ण बी, येवले, डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम, विलास गजघाटे, डॉ. मिलिंद माने, डॉ. सिद्धार्थ गायकवाड़, सीमा रामदास आठवले, उपस्थित थे।

-बाबासाहेब द्वारा दिया गया बुद्ध धम्म सार्वभौमिक धम्म
उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, राष्ट्र निर्माता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने नागपुर में तथागत का बुद्ध धम्म देकर इस देश के लोगों को प्राचीन संस्कृति से जोड़ा। बाबासाहेब द्वारा दिया गया बुद्ध धम्म सार्वभौमिक धम्म है। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने इस देश को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान दिया। संविधान ने ही देश में समानता की स्थापना की। जिस प्रकार संविधान ने सभी को समाज को अवसर दिया है, उसी प्रकार सभी की आकांक्षाओं को पूरा किया जा रहा है। इसलिए जब मैं मुख्यमंत्री था तब मैंने दीक्षाभूमि विकास योजना तैयार की थी। पहले चरण में 100 करोड़ में से 40 करोड़ का फंड एनआयटी के लिए डायवर्ट किया गया। प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। लेकिन ढाई साल में यह फंड खर्च नहीं हुआ। अब 190 करोड़ का नया प्लान तैयार किया गया है। फडणवीस ने आश्वासन दिया कि इस योजना को तुरंत प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाएगी। परिचय समिति के सदस्य राजेंद्र गवई ने किया। धन्यवाद एन. आर. सुटे ने माने । राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

– बाबासाहेब के विचारों से ही आत्मनिर्भर भारत: गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, बुद्ध का दर्शन सार्वभौमिक कल्याण है। बुद्ध द्वारा दिया गया पंचशील का सिद्धांत ब्रह्मांड के कल्याण के लिए है। यह समानता और बंधुत्व का आधार है। इस धम्म को स्वीकार कर बाबासाहेब ने इस देश के लोगों को सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से न्याय दिलाया। अगर बाबासाहेब के काम की तुलना किसी से की जाए तो उसकी तुलना मार्टिन लूथर किंग से ही की जा सकती है।
बाबासाहेब ने शोषित और वंचित समाज में धार्मिक शैक्षिक और आर्थिक परिवर्तन लाया। इस अवसर पर उन्होंने अपना विश्वास व्यक्त किया कि एक आत्मनिर्भर भारत में सभी दलितों, पीड़ितों और अन्य लोगों को वित्तीय क्षमता प्राप्त करने की आवश्यकता है और यह बाबासाहेब के व्यापक विचारों के कारण ही संभव हो सकता है।

– रामदास आठवले की कविताओने समां बंधा
केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने अपने ही अनोखे अंदाज में भाषण की शुरुआत की। बारिश शुरू हो रही थी… वही धागा पकड़े हुए उन्होंने खास अपने अंदाज में कविता को पेश किया।