इमर्जेन्सी दिल्ली में : भाजपा के दोनो नेता अमित शाह से मिले
-अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र की रणनीति
प्रतिनिधी
मुंबई : भाजपा ने अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव की तैयारी के लिए तेजी से कदम उठाए हैं, जो कुछ ही दिन दूर है। राज्य में सत्ता हस्तांतरण के बाद पहली बार किसी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव हो रहे हैं। इसलिए शिंदे-फडणवीस सरकार के लिए यह उपचुनाव जीतना बेहद जरूरी है। अंधेरी उपचुनाव के लिए भाजपा का मुरजी पटेल को मैदान में उतारना लगभग तय है। मुंबई नगर निगम के आगामी चुनावों को देखते हुए अंधेरी में यह लड़ाई काफी दिलचस्प होने जा रही है।
इसलिए बीजेपी ने इस उपचुनाव को किसी भी हाल में जीतने का फैसला किया है। इसके लिए चर्चा है कि अमित शाह की मौजूदगी में सीधे दिल्ली में रणनीति बनाई जा रही है। बीजेपी के मुंबई प्रदेश अध्यक्ष आशीष शेलार और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार रात दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद चंद्रशेखर बावनकुले का यह पहला चुनाव है। मुंबई अध्यक्ष का पद मिलने के बाद आशीष शेलार का यह पहला चुनाव है। इसलिए अंधेरी में उपचुनाव शिंदे-फडणवीस सरकार के साथ-साथ इन दोनों के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
बीजेपी ने पिछले ढाई साल में राज्य में हर उपचुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ा है। ऐसे में साफ है कि बीजेपी इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी। राज्य में सत्ता में आने के बाद से भाजपा की ताकत कई गुना बढ़ गई है। इसके अलावा चूंकि ये उपचुनाव मुंबई में हो रहे हैं, ऐसे में शिवसेना के साथ सीधे गठजोड़ का मौका है। अगर यह अंधेरी उपचुनाव जीत जाती है तो मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए माहौल तैयार कर रही बीजेपी को बड़ा फायदा मिल सकता है। वहीं अगर अंधेरी पूर्व चुनाव में शिवसेना का उम्मीदवार जीत जाता है तो यह संदेश दे सकता है कि जनता की राय ठाकरे के पक्ष में है। इसका असर मुंबई नगरपालिका चुनावों पर भी पड़ सकता है, जो बीजेपी के लिए बेहद अहम हैं। इसलिए बीजेपी इस उपचुनाव को काफी गंभीरता से ले रही है।
-धनुष-बाण के लिए ठाकरे-शिंदे गुट में भिड़ंत
अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के मद्देनजर ठाकरे और शिंदे समूह के बीच लड़ाई तेज हो गई है। इस उपचुनाव के लिए शिवसेना का आरक्षित चुनाव चिह्न धनुष्यबन किसे मिलेगा, इसको लेकर उत्सुकता पैदा हो गई है। यदि ठाकरे और शिंदे दोनों धड़े आरक्षित चिन्ह धनुष्यबान की मांग करते हैं, तो आयोग इसे फ्रीज करने का आदेश दे सकता है। अगर ऐसी स्थिति बनी रहती है तो देखना होगा कि 3 नवंबर को अंधेरी में होने वाले उपचुनाव में शिवसेना किस चुनाव चिह्न पर लड़ेगी। अंधेरी उपचुनाव के नतीजे छह नवंबर को आएंगे।


